अब सुबह तो होगी, पर शायद अब वह जल्दी उठने की चाह नहीं होगी,
तैयार तो हम अब भी होंगे, पर शायद बस का वेट करने की जल्दी नहीं होगी,
जल्दी तो अब भी होगी, पर गेट बंद हो जाने की चिंता नहीं होगी,
पढाई तो अब भी होगी, पर वो प्यार से पढ़ने वाली टीचर्स नहीं होंगी।

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